





जी हाँ ! आज के टेक्नोलॉजी के युग मे सब कुछ संभव है। वो दिन गए, जब हम कहते थे कि दर्पण झूठ नहीं बोलता। अब इस को देख कर लगता है कि दर्पण भी कभी कभी झूठ बोलता है।
गुरुवार, 23 अगस्त, 2007
कौन कहता है कि दर्पण झूट नहीं बोलता ?
मंगलवार, 17 जुलाई, 2007
लालू प्रसाद यादव के कंप्यूटर कि झलकियां
गुरुवार, 14 जून, 2007
मुफ़्त में मोबाइल रिचार्ज करें
जी हाँ! अब आप अपना मोबाइल मुफ़्त में रिचार्ज कर सकते हैं।
कृपया नीचे लिखे निर्देशों का पालन करें और हर महिने अपने मोबाइल को मुफ़्त में रिचार्ज करें। जी हाँ, अब ये संभव है। आप टेक्नोलॉजी से ही टेक्नोलॉजी बनाने वालों को बेवकूफ बना सकते हैं।
ये तरीका मुझे मेरे दोस्त ने भेजा है, जो आई आई टी, कानपुर से बी टेक कर रहा है। मैं उसे पूरा का पूरा नीचे पेस्ट कर रहा हूँ।
Applicable for ORANGE (HUTCH), AIRTEL, SPICE & BSNL users only ,sorryfor idea, BPL and Reliance users and it is done illegally of course. But thereare many things that are illegal in this world. But then who cares. Don’t worry nobody can trap you. No legal action can be taken on you for this. So go ahead without worrying.
अरे भाई ग़ुस्सा न हो, और न ही मुझे ढूँढने कि कोशिश करें। मैं भी उसे ढूँढ रहा हूँ, जिसने मुझे ये भेजा है।
सोमवार, 4 जून, 2007
भाई लोग के प्रवचन
भई लाफ्टर चैलेन्ज ३ शुरू हो चूका है और खूब जम कर मुक़ाबला हो रहा है। इस शो से टीवी के दर्शकों को कम से कम सास बहु टाईप सिरीअल्स से कुछ समय के लिए छुटकारा तो मिलेगा। फिलहाल मुकाबला तो जोरदार लग रह है और कुछ नए आइटम भी सुनने को मिल रहे है। देखते है कि आगे क्या होगा।
वैसे आजकल जहाँ देखो, जिसे देखो, चाहे न्यूज़ चैनल हो या कोई और, सभी वही घिसे पिटे आइटम ही दिखा रहे है। कोई कलाकार किसी भी शहर मे कोई शो करके आये, ये भाई लोग उसकी सीडी तब तक अपने चैनल पर दिखाते हैं, जब तक आदमी बोर होके खुद चैनल ना बदल दे । अब इन कलाकार लोगों के पास भी वही पुराने स्टॉक किये हुए आइटम होते हैं, लिहाज़ा वही चीज़ बारबार सुनने और देखने को मिलती है ।
लेकिन जो भी हो, अपने राजू भाई का जवाब नहीं। वैसे आप कि जानकारी के लिए बता दूँ कि ये जनाब भी अपने कानपुर से ही है। आप सभी के लिए पेश है राजू भाई का एक जबर्दस्त आइटम, उम्मीद है पसंद आएगा ।
शनिवार, 2 जून, 2007
गुरुवार, 31 मई, 2007
आप भी आर.के.लक्ष्मण बनिए
मंगलवार, 29 मई, 2007
सफ़ाई का सिलसिला
मैं और मेरी बीवी,
अक्सर यह बातें करते हैं
घर साफ होता तो कैसा होता
मैं किचन साफ करता ,
तुम बाथरूम धोती
मैं हॉल साफ करता ,
तुम बालकनी से देखती
लोग इस बात पे हैराँ होते
और उस बात पे हँसते ..
मैं और मेरी बीवी ,
अक्सर यह बातें करते हैं
यह हरा भरा सिंक है
या बर्तनों की जंग छिड़ी है
यह कलरफुल किचन है
या मसालों से होली खेली है
है फर्श की नयी डिज़ाइन
या दूध , बियर से धुली हैं
टॉमी की ये हालत ,
मेरी भी है , उसकी भी ,
दिल में एक तस्वीर इधर भी है , उधर भी
करने को बहुत कुछ है मगर कब करे हम
कब तक यूँ ही इस तरह रहे हम
दिल कहता है की कोई वैक्यूम क्लिनर ला दे
ये कार्पेट जो है उसे फिकवा दे ,
हम साफ रह सकते है ,
लोगों को बता दें ,
हाँ हम मियाँ बीवी है - मियां बीवी है - मियां बीवी है
अब दिल मैं यही बात ,
इधर भी है उधर भी ......
सब को बतादें !
मैं और मेरी बीवी , अक्सर यह बातें करते हैं !







